मुजफ्फरनगर: जिला पंचायत में कथित भ्रष्टाचार को लेकर नया विवाद सामने आया है। वार्ड-12 के जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक ने अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) और एक निजी इंजीनियर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर ठेकेदारों से अवैध वसूली की जा रही है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और काम की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।


मलिक का आरोप है कि एएमए ने एक निजी इंजीनियर को अपने साथ जोड़ा हुआ है, जो किसी आधिकारिक पद पर न होने के बावजूद ठेकेदारों से पैसे वसूलता है। उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे कार्यों में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है, जिसे लेकर निष्पक्ष जांच जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपर मुख्य अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में मौजूद नहीं रहते, जिससे जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं। मलिक ने जिले में चल रहे सभी विकास कार्यों और उनसे जुड़े अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

इस मुद्दे पर मलिक ने प्रशासन को तीन दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर पहले सांकेतिक धरना दिया जाएगा, और उसके बाद बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह इस मामले से जुड़े सबूत और दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे।

वहीं, अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह ठेकेदारों और जिला पंचायत सदस्य के बीच का आपसी विवाद है, जिसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है।