मुजफ्फरनगर में शनिवार को प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय नजर आई, जब सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने खतौली और जानसठ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर जनता की शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही, लंबित मामलों पर सख्ती और कई अहम सरकारी अभियानों को लेकर स्पष्ट संदेश भी दिया गया।

खतौली तहसील में मंडलायुक्त के साथ जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही फरियादियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और सभी मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। विशेष रूप से महिला अपराध से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता पर निपटाने पर जोर दिया गया। पुराने राजस्व वादों और लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए भी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का भी जायजा लिया और कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक फायदा जनता तक पहुंचना चाहिए। इस दौरान कुछ लाभार्थियों को सौर ऊर्जा पैनल भी वितरित किए गए। साथ ही लोगों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूक किया गया और सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम का मुख्य फोकस “स्व-गणना अभियान” पर भी रहा। मंडलायुक्त ने लोगों से अपील की कि 21 मई तक चल रहे इस अभियान में अधिक से अधिक नागरिक भाग लें और पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करें, जिससे भविष्य में जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो सके।

इसके बाद जानसठ तहसील में भी समाधान दिवस के दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यहां भी महिला सुरक्षा, साइबर ठगी और प्रशासनिक पारदर्शिता प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को सख्त संदेश दिया गया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।