उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भौराकलां थाना क्षेत्र स्थित खेड़ी सूंडियान गांव में किसान शेखर की हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी महिला और उसके तीन बेटों को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

यह मामला 17 जून 2019 का है, जिसने इलाके में उस समय काफी सनसनी फैला दी थी।

70 हजार रुपये के विवाद से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, सिसौली कस्बे की रहने वाली राजबाला देवी अपने बेटे शेखर के साथ खेड़ी सूंडियान गांव में 70 हजार रुपये की उधारी मांगने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई।


बताया जाता है कि पहले पथराव हुआ और फिर लाठी-डंडों व ईंटों से हमला किया गया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल शेखर की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला

घटना के बाद मृतक की मां राजबाला देवी की शिकायत पर रामकुमार उर्फ रामू, उसकी पत्नी मुकेश उर्फ बिट्टो और उनके तीन बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

हालांकि, सुनवाई के दौरान रामकुमार उर्फ रामू की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया। बाकी चार आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया।

बचाव पक्ष के तर्क

ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने दावा किया कि मृतक शेखर के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह हिस्ट्रीशीटर था। साथ ही घटना के कारण और परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठाए गए।

इसके बावजूद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर मंगलवार को फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा और जुर्माना दोनों सुनाए।