मुजफ्फरनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण की अपील का असर अब सरकारी संस्थानों में भी दिखाई देने लगा है। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में शनिवार को डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल की शुरुआत की।

इस पहल के तहत कई डॉक्टर और स्टाफ सदस्य अपनी निजी कारों और मोटरसाइकिलों को छोड़कर साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों से अस्पताल पहुंचे। इस अभियान की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. संजय कुमार वर्मा ने स्वयं की, जिन्होंने सरकारी और निजी वाहन के बजाय ई-स्कूटी से ड्यूटी पर पहुंचकर सभी को प्रेरित किया।

डेंटल हाइजीनिस्ट संजीव लांबा भी सीएमएस के साथ ई-स्कूटी से अस्पताल पहुंचे और कारपूलिंग व राइड शेयरिंग को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मिलकर यात्रा करने से ईंधन की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है।


अभियान में सुरक्षा कर्मियों आकाश कुमार और राजू ने भी हिस्सा लिया और मोटरसाइकिल छोड़कर साइकिल से ड्यूटी पर पहुंचे। वहीं वरिष्ठ फार्मासिस्ट अनिल कुमार हारून ने भी साइकिल से अस्पताल पहुंचकर इस पहल का समर्थन किया।

सीएमएस डॉ. संजय कुमार वर्मा ने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक नहीं बल्कि पर्यावरण और देशहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने आम जनता और अन्य सरकारी विभागों से भी अपील की कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों, साइकिल और कारपूलिंग को अपनाकर इस दिशा में योगदान दें।

फार्मासिस्ट अनिल कुमार ने इसे एक दिन की पहल नहीं बल्कि सोच में बदलाव की शुरुआत बताया। वहीं डेंटल हाइजीनिस्ट संजीव लांबा ने लोगों से अपील की कि जिनके पास व्यक्तिगत ई-वाहन या साइकिल नहीं है, वे सहकर्मियों के साथ राइड शेयरिंग को अपनाएं।