मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को भीषण गर्मी का असर लगातार बना रहा। जिले में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज धूप और उमस के चलते दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे।

दिनभर करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं, लेकिन इनकी गर्माहट ने राहत देने के बजाय लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। दोपहर के समय हालात ऐसे रहे कि कुछ मिनट धूप में खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया।

बाजारों पर गर्मी का असर

भीषण गर्मी का सीधा असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर देखा गया। दोपहर में ग्राहकों की आवाजाही काफी कम रही। हालांकि, सड़क किनारे लगे जूस और ठंडे पेय पदार्थों के स्टॉल्स पर लोगों की भीड़ जरूर देखने को मिली।


सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को झेलनी पड़ रही है, जो लगातार गर्म हवाओं और तेज धूप के बीच काम करने को मजबूर हैं।

राहत की उम्मीद कम

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी से किसी बड़ी राहत की संभावना नहीं है और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

प्रशासन की ओर से हीट स्ट्रोक को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें।

डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सीधे धूप से बचने की सलाह दी है। साथ ही, गर्मी के इस मौसम में पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने की अपील की गई है, ताकि उन्हें भी राहत मिल सके।