मुजफ्फरनगर। किसान मजदूर संगठन ने किसानों और मजदूरों से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आगामी 2 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पर भी प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं पर उठे सवाल

ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि क्षेत्र से गुजरने वाली काली और हिंडन नदियों का प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। इसके कारण आसपास रहने वाले लोगों में कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्थिति लगातार बिगड़ रही है।


किसानों को खाद और सिंचाई की समस्या

संगठन ने किसानों को समय पर यूरिया और अन्य खाद न मिलने का मुद्दा भी उठाया। पूरण सिंह के अनुसार, खाद की कमी के कारण फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो रही है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा नहरों में पर्याप्त पानी न पहुंचने की समस्या पर भी चिंता जताई गई, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है।

चकबंदी और बिजली व्यवस्था पर आरोप

संगठन ने कई गांवों में वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में 10 साल से अधिक समय से चकबंदी चल रही है, लेकिन किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

बिजली व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि जर्जर तारों, बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होने और फाल्ट की समस्या के कारण ग्रामीण उपभोक्ता भीषण गर्मी में परेशान हैं।

फैक्ट्रियों की जांच की मांग

संगठन ने जिले में प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों और उनमें काम करने वाले कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और वेतन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की है।


बैठक में कई पदाधिकारी रहे मौजूद

इस मौके पर प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष ठाकुर लोकेश राणा, युवा जिलाध्यक्ष बिल्लू राणा, अंकित राणा, राजकुमार, मनोज राणा, राजेंद्र राणा, दीक्षित राणा और तहेंद्र राणा सहित कई संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।