मुजफ्फरनगर। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने हाल ही में सामने आए धर्मांतरण से जुड़े मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के निजी फैसले या व्यक्तिगत कारणों के आधार पर पूरे समाज, जाति या धर्म को निशाना बनाना सही नहीं है।

शनिवार को दिए बयान में पूरण सिंह ने स्पष्ट किया कि विवाह या व्यक्तिगत संबंध जैसे निर्णय पूरी तरह निजी होते हैं और इन्हें सार्वजनिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।


उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने निजी कारणों से कोई निर्णय लेता है, तो उसकी जिम्मेदारी भी उसी व्यक्ति की होती है। ऐसे मामलों को किसी समुदाय या धर्म विशेष से जोड़ना उचित नहीं है।

ठाकुर पूरण सिंह ने यह भी कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों और जातियों के बीच विवाह और संबंध पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इन्हें सामाजिक या धार्मिक विवाद का रूप देना समाज के हित में नहीं है।

समाज की छवि पर पड़ता है असर

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने से दोनों पक्षों की छवि प्रभावित होती है। इसलिए समाज को ऐसे मुद्दों पर संयम और समझदारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए।


पूरण सिंह ने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति के निजी निर्णय को पूरे समाज या धर्म से जोड़कर देखना गलत परंपरा को बढ़ावा देता है।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

किसान मजदूर संगठन अध्यक्ष ने अंत में कहा कि समाज में शांति, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भड़काऊ या विभाजनकारी सोच से दूर रहकर संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं।