मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में दिल्ली–देहरादून नेशनल हाईवे पर रविवार को एक नॉनवेज ढाबे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला उस समय गरमा गया जब कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और ढाबे पर लगाए गए बोर्ड को लेकर आपत्ति जताई। बाद में उन्होंने मौके पर लगे फ्लेक्स बोर्ड उतारकर उन्हें नुकसान पहुंचाया और आग लगाने की भी बात सामने आई। घटना का वीडियो सोमवार को सामने आने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया।
जानकारी के मुताबिक, सिसौना गांव के पास हाईवे किनारे मंसूरपुर निवासी आजाद “किंग चिकन कॉर्नर” नाम से नॉनवेज ढाबा संचालित करते हैं। इसी स्थान के पास नरेश पाल की एक कन्फेक्शनरी दुकान भी है, जिस पर “बदरी विशाल शुद्ध भोजनालय” नाम से बोर्ड लगा हुआ है।

रविवार दोपहर हिंदू संगठनों से जुड़े एक दर्जन से अधिक लोग मौके पर पहुंचे। उनका आरोप था कि धार्मिक नामों के इस्तेमाल को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है और कांवड़ यात्रा से पहले हाईवे पर नॉनवेज दुकानों के संचालन का भी विरोध किया गया। इसके बाद उन्होंने विरोध जताते हुए ढाबे पर लगे फ्लेक्स हटाए, उन्हें फाड़ दिया और बाद में आग के हवाले कर दिया। इस दौरान ढाबा कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस, धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति भी बनी।
वहीं, ढाबा संचालक आजाद का कहना है कि वह किराए की जगह पर वैध रूप से “किंग चिकन कॉर्नर” नाम से कारोबार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पास में लगे दूसरे बोर्ड को आधार बनाकर उनके ढाबे को गलत तरीके से निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के दौरान उनके कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और हाथापाई हुई।
घटना की सूचना मिलने पर छपार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रविशंकर मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।