मुजफ्फरनगर। मीरापुर और सदर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पेपर मिलों से फैल रहे प्रदूषण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। मीरापुर विधायक मिथलेश पाल ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि भोपा रोड और आसपास के इलाकों में स्थित कुछ पेपर मिलें व औद्योगिक इकाइयां पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।


पिछले कुछ दिनों में मखियाली गांव में प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के मामले सामने आने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। यहां कुछ परिवारों ने गांव छोड़ने की चेतावनी देते हुए अपने घरों पर “पलायन” के पोस्टर भी लगाए हैं। इसके बाद चांदपुर, भंडूरा, बाखरनगर सहित कई गांवों के लोग भी प्रदूषण के खिलाफ मुखर हो गए हैं।

विधायक ने आरोप लगाया कि इन मिलों से निकलने वाला अपशिष्ट और बिना शोधित रसायन युक्त पानी भूजल को प्रभावित कर रहा है, जिससे ग्रामीण कैंसर, टीबी और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में 13 मई को हुए एक स्वास्थ्य शिविर की रिपोर्ट चिंताजनक रही है, जिसमें कई ग्रामीणों में गंभीर बीमारियों की पुष्टि हुई है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों पर भी गंभीर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं।

मिथलेश पाल ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को तत्काल सील किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर संभावित कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है।