मुज़फ्फरनगर। सिखेड़ा थाना क्षेत्र के असदनगर जंगल कट के पास बुधवार रात करीब 8:30 बजे पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में रॉकी हत्याकांड का मुख्य आरोपी बादल तोमर घायल हो गया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान बादल अपनी मां रेणु के साथ मौजूद था। घेराबंदी के बावजूद अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर रेणु मौके से फरार होने में सफल रही। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने वारदात से जुड़े अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनमें हत्या में इस्तेमाल बताई जा रही काली स्कॉर्पियो, .315 बोर का तमंचा, कारतूस और खोखा, एक बैग तथा मृतक विकसित उर्फ रॉकी के दस्तावेज शामिल हैं।
पूछताछ में खुला बड़ा खुलासा
मुठभेड़ के बाद सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने आरोपी बादल से पूछताछ की, जिसमें एक अहम जानकारी सामने आई। बादल ने बताया कि हत्या के बाद रॉकी के शव का सिर गंगनहर में जौली क्षेत्र के पास फेंक दिया गया था।
इसके बाद पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर मौके पर पहुंची और उसकी निशानदेही भी कराई गई। फिलहाल क्षेत्र को चिन्हित कर सिर की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
बेहड़ा अस्सा निवासी विकसित उर्फ रॉकी 18 मई 2026 को अपनी कथित पत्नी रेणु के साथ गया था, जिसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। काफी तलाश के बाद 30 मई को उसके पिता मगन सिंह ने रेणु, उसके बेटे बादल, बहू निशा और अन्य लोगों के खिलाफ अपहरण व हत्या का मामला दर्ज कराया था।
जांच के दौरान 1 जून को मोंटी उर्फ अभि त्यागी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले थे। पूछताछ में सामने आया कि हत्या बागपत के बड़ौत क्षेत्र में की गई थी, जिसके बाद शव को मुज़फ्फरनगर लाकर जंगल में सिर और धड़ अलग किए गए।
पुलिस पहले ही खेत से दबा हुआ धड़ बरामद कर चुकी है, जबकि सिर की तलाश अब तक जारी थी, जिस पर अब नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हत्या के पीछे सामने आए कारण
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, जांच में हत्या के पीछे तीन संभावित कारण सामने आए हैं— संपत्ति विवाद, पारिवारिक रिश्तों को लेकर तनाव और पुरानी रंजिश। मामले में रेणु, बादल, निशा, मोंटी समेत कई लोगों की भूमिका की जांच चल रही है।
पुलिस का कहना है कि शुभम नामक व्यक्ति ने शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी और अपने खेत में गड्ढा खुदवाकर धड़ को दबवाया गया था।
आगे की कार्रवाई
मुख्य आरोपी बादल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मामले के कई और राज खुल सकते हैं। वहीं फरार आरोपियों रेणु, निशा और अन्य की तलाश में दबिश तेज कर दी गई है।