लखनऊ। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बुधवार को आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी के इलाज के दौरान कथित लापरवाही और हाथ काटे जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिदत्त नेमी से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि मामले की समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

जानकारी के अनुसार, खागा (फतेहपुर) निवासी आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी को 13 मई को कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के चलते उनका दायां हाथ गंभीर रूप से सूज गया और स्थिति बिगड़ती चली गई। इसके बाद उन्हें पारस अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां 17 मई को उनका हाथ काटना पड़ा।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब जवान विकास सिंह ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई और कटा हुआ हाथ भी पुलिस को सौंपा, जिसे बाद में जांच के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से जांच कमेटी गठित न होने के कारण अभी तक हिस्टोपैथोलॉजी जांच शुरू नहीं हो सकी है।

इधर, सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उप मुख्यमंत्री को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि कृष्णा और पारस अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनके जवाब मिलने के बाद पूरा मामला जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। उसी के निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।