नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक वर्ष के भीतर पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था, जिस पर कभी पूरी तरह नियंत्रण माना जाता था, अब कमजोर पड़ रही है और अंदर से बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
राहुल गांधी इंदिरा भवन में आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसमें कई जनजातीय नेता भी मौजूद थे। अपने संबोधन में उन्होंने देश की आर्थिक और संस्थागत स्थिति को लेकर कई गंभीर दावे किए।
‘आर्थिक दबाव और अस्थिरता’ का दावा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश एक बड़े आर्थिक दबाव की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार महंगाई लगातार बढ़ रही है और यह केवल शुरुआत है। उन्होंने दावा किया कि उनकी समझ के अनुसार आने वाले समय में भारत ऐसी आर्थिक चुनौतियों का सामना कर सकता है, जो पहले कभी नहीं देखी गईं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन संस्थागत ढांचों को पहले आर्थिक सुरक्षा के रूप में देखा जाता था, उनमें बदलाव हुए हैं, जिसका असर भविष्य में और गहराई से देखने को मिल सकता है।
संस्थाओं को लेकर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि देश की कई संस्थाओं के भीतर असंतोष की स्थिति बन रही है। उन्होंने चुनाव आयोग का उल्लेख करते हुए दावा किया कि संस्थागत ढांचे पर नियंत्रण को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विभिन्न स्तरों पर जानकारी मिलने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे उनके अनुसार यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा व्यवस्था के भीतर बदलाव की स्थिति बन रही है।
‘राजनीतिक बदलाव’ की संभावना का जिक्र
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि मौजूदा परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो जनता का दबाव बढ़ सकता है और इससे बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संभावित अस्थिर स्थिति में देश को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य शीर्ष नेतृत्व का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम में दिया गया बयान
यह पूरा बयान नई दिल्ली में आयोजित आदिवासी कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनजातीय प्रतिनिधि उपस्थित थे।