मुजफ्फरनगर। नगर पालिका द्वारा कूड़े के ढेर को ढकने के लिए लगाए गए स्वास्तिक चिन्ह वाले बैरिकेडिंग को लेकर उपजा विवाद गुरुवार को समाप्त हो गया। शिवसेना के विरोध और अल्टीमेटम के बाद प्रशासन ने संबंधित बैरिकेडिंग को हटा दिया।

जिलाधिकारी आवास के पास का मामला

यह मामला जिलाधिकारी आवास के सामने का है, जहां कूड़े के ढेर के आसपास स्वास्तिक प्रतीक वाली बैरिकेडिंग लगाए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। शिवसेना ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था और कार्रवाई की मांग की थी।


शिवसेना की युवा इकाई द्वारा धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन कई दिन तक बैरिकेडिंग नहीं हटाई गई।

अल्टीमेटम के बाद बढ़ा दबाव

इस पर शिवसेना युवा जिलाध्यक्ष शेंकी शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी थी कि यदि तय समय सीमा तक बैरिकेडिंग नहीं हटाई गई तो संगठन के कार्यकर्ता स्वयं कार्रवाई करेंगे।

14 मई सुबह 10 बजे तक की डेडलाइन के बाद दोपहर 12 बजे तक आंदोलन की बात कही गई थी।

प्रशासन ने हटाई बैरिकेडिंग

अल्टीमेटम और बढ़ते विरोध के बाद प्रशासन ने समय सीमा समाप्त होने से पहले ही मौके से स्वास्तिक चिन्ह वाली बैरिकेडिंग हटा दी।

शिवसेना नेता शेंकी शर्मा ने इस कार्रवाई पर प्रशासन और नगर पालिका का आभार व्यक्त किया।

संगठन ने बताया अपनी जीत

शिवसेना नेताओं ने इसे जनभावनाओं की जीत बताया और कहा कि धार्मिक प्रतीकों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विवाद सुलझने के बाद संगठन ने 14 मई को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी है।