मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में जानलेवा हमले के एक मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय उन्हें केवल शांति भंग की धारा 151 में चालान कर छोड़ दिया गया, जिसके बाद वे खुलेआम घूम रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं।

पीड़ित मोहम्मद फैज ने बताया कि कुछ लोगों ने पहले उस पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां वह कई दिनों तक इलाजरत रहा।


फैज का आरोप है कि घटना की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने आरोपियों पर कड़ी धाराएं नहीं लगाईं। उनका कहना है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रही और इसी कारण आरोपी अब उन्हें और उनके परिवार को धमका रहे हैं, जिससे दहशत का माहौल बना हुआ है।

पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि हमले के बाद आरोपियों ने एक बार फिर मिलकर दूसरे स्थान पर भी उन पर हमला करने की कोशिश की थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी।

मामले से नाराज पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी गुहार लगाई है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सुरक्षा सुनिश्चित हो।