मुज़फ़्फ़रनगर में रविवार को तेज गर्मी और सूखे मौसम ने आगजनी की घटनाओं को बढ़ा दिया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल छह जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिससे दमकल विभाग को पूरे दिन एक स्थान से दूसरे स्थान तक दौड़ लगानी पड़ी। आग गन्ने के खेतों, भूसे के ढेरों, कूड़े-करकट और झाड़ियों में लगी, जो तेज धूप और सूखी परिस्थितियों के कारण तेजी से फैलती चली गई।
छपार थाना क्षेत्र के दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर स्थित बिजोपुरा इलाके में लगातार दूसरे दिन भी आग लगने की घटना दर्ज की गई। शनिवार को जहां कूड़े-करकट और एक पेड़ में आग लगी थी, वहीं रविवार को कई पेड़ आग की चपेट में आ गए, जिनमें से एक पेड़ जलकर गिर गया।
जानसठ रोड पर भी दो अलग-अलग स्थानों पर आग की घटनाएं हुईं। सहावली गांव के पास नाले की पटरी पर लगी झाड़ियों की आग तेजी से फैलकर गन्ने के खेत तक पहुंच गई, हालांकि दमकल टीम ने समय रहते पहुंचकर स्थिति पर काबू पा लिया और बड़ा नुकसान होने से रोक दिया। इसी रोड पर सुरेंद्र नगर के सामने एक कॉलोनी में भूसे के ढेर में भी आग लग गई, जिसे बुझाने में दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
शहर से सटे वहलना गांव में भी उपलों के एक ढेर में आग लगने की घटना सामने आई, जबकि खतौली क्षेत्र में भी इसी तरह की आगजनी हुई, जहां दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पा लिया।
पूरे दिन चली इन घटनाओं के दौरान दमकल कर्मियों को भीषण गर्मी में लगातार मेहनत करनी पड़ी। उनकी त्वरित कार्रवाई के चलते सभी स्थानों पर आग को समय रहते काबू में कर लिया गया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान होने से बच गया।
दमकल विभाग ने बताया कि गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं आम हो जाती हैं, इसलिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है ताकि छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण न बन सके।