शाहपुर। गांव तावली के वसीम और उसके फुफेरे भाई मोइन को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर कंबोडिया भेजा गया। वहां आरोप है कि एजेंटों ने उन्हें चीन की एक कंपनी में साइबर ठगी करने के लिए भेजने का झांसा देकर बंधक बना लिया। दोनों युवक अंततः पांच हजार डॉलर देकर सुरक्षित अपने घर लौटे।
जॉब का झांसा देकर ठगी
वसीम के पिता शहाबुद्दीन ने शाहपुर थाना में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे वसीम और बहनोई के बेटे मोइन को 20 दिसंबर को टूरिस्ट वीजा पर कंबोडिया भेजा गया। वहां उन्हें दो एजेंट मिले, जिन्होंने बताया कि उन्हें चीन की कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम मिलेगा। नियुक्ति पत्र चीन की भाषा में था, जिसमें स्पष्ट रूप से साइबर ठगी का काम करने का विवरण भी था।
बंधक बना कर मांगे गए पैसे
युवकों ने यह काम करने से इनकार किया तो उन्हें बंधक बना लिया गया। दोनों को छोड़ने के लिए एजेंटों ने पांच हजार डॉलर की मांग की। वसीम ने अपने भाई अनीस को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से स्थिति बताई। परिजनों ने एजेंटों से संपर्क किया, तो उन्हें ढाई लाख रुपये चुकाने पड़े। इसके बाद एजेंट ने दोनों युवकों को उनके रिश्तेदार हाजी इमरान के हवाले कर दिया, जिन्होंने उन्हें वापस लाने में मदद की।
दोनों युवक सुरक्षित घर लौटे
अंततः दोनों युवकों को 10 जनवरी को सुरक्षित घर लाया गया। परिवार ने शाहपुर थाना पुलिस से मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। इस दौरान भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र बालियान, रमेश मलिक, जिला पंचायत सदस्य सलीम अहमद सहित कई ग्रामीण और भाकियू कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे।