मुजफ्फरनगर। जिले में पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 तमंचे, 3 पिस्टल, 9 कारतूस, 3 मैगजीन, 4 मोबाइल फोन और 4 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।

चेकिंग के दौरान मिली बड़ी सफलता
एसएसपी ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस काली नदी पुल के पास नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली कि चरथावल रोड स्थित प्लॉटिंग क्षेत्र में कुछ लोग अवैध हथियारों की डील करने के लिए मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया के जरिए चलता था नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनस (शाहबुद्दीनपुर), मोहम्मद परवेज (खेड़ी दूधाधारी), जुनैद (बघरा) और आस मोहम्मद उर्फ आसू (जग्गाहेड़ी) के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह मेरठ क्षेत्र से अवैध हथियार खरीदकर लाता था और फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए ग्राहकों तक उनकी तस्वीरें और वीडियो भेजता था। पसंद आने पर तय स्थान पर डील कर हथियारों की सप्लाई की जाती थी।
मुनाफे के लिए बेचते थे महंगे दामों पर हथियार
जांच में सामने आया कि आरोपी एक पिस्टल 35 से 40 हजार रुपये में खरीदकर 45 से 50 हजार रुपये तक में बेचते थे। वहीं तमंचे 3 से 4 हजार रुपये में खरीदकर 5 से 6 हजार रुपये तक में बेचे जाते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी मंगलवार को भी एक पिस्टल और चार तमंचों की सप्लाई देने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर इनाम घोषित
चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस सफल कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली नगर पुलिस टीम को 15 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।