मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के शाहबुद्दीनपुर रोड पर कथित रूप से चल रहे अवैध रेत और रोड़ी भंडारण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। गांव के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुख्य मार्ग के किनारे बड़े पैमाने पर रेत और रोड़ी का भंडारण किया गया है, जहां दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लगातार आने-जाने से सड़क पर धूल का गुबार छाया रहता है, जिससे स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक दो बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि हाल ही में ट्यूशन से लौट रहे दो अन्य बच्चे भी दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।

ग्रामीण दिवाकर सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले उनकी बेटी भी एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गई थी, हालांकि वह सुरक्षित बच गई। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण राजीव चौहान ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा कारोबार संभव नहीं है। उनका कहना था कि पुलिस और प्रशासन को कई बार सूचना देने के बावजूद केवल आश्वासन मिले, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध भंडारण को तत्काल बंद नहीं कराया गया और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की जनअसुविधा या तनाव की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।