मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत के बाद गंभीर आरोप सामने आए हैं। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, संचालिका और ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर विरोध जताया और जमकर हंगामा किया। हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र स्थित रोशनाबाद के गांव खाला टीहरा निवासी नीटू पाल ने बताया कि उसकी पत्नी कोमल गर्भवती थी और प्रसव के लिए उसे रामपुर तिराहा स्थित भारद्वाज नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। परिवार का कहना है कि एक परिचित की सलाह पर वे अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा दिया गया था।

परिजनों के अनुसार 22 जून को भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों ने जांच की और सामान्य प्रसव को असंभव बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। आरोप है कि ऑपरेशन शुरू होने से पहले महिला की स्थिति स्थिर थी, लेकिन सर्जरी के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी।


पीड़ित पक्ष का दावा है कि हालत गंभीर होने पर ऑपरेशन कर रहे चिकित्सक बीच में ही मरीज को छोड़कर वहां से चले गए। इसी दौरान महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने परिजनों को तत्काल मरीज को किसी बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी।

परिजन महिला को मेरठ के सुभारती अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की पहचान और योग्यता संबंधी जानकारी देने से इनकार कर दिया। बाद में उन्हें यह जानकारी मिली कि अस्पताल में कथित तौर पर विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं थे।


नीटू पाल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उसकी पत्नी की जान गई। उन्होंने नर्सिंग होम संचालिका, संबंधित स्टाफ और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और मामले की सभी पहलुओं से पड़ताल की जा रही है।