मुजफ्फरनगर: ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों को सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी न मिलने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को असंगठित मजदूर मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में मजदूरों और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी, उपश्रमायुक्त और सहायक श्रमायुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

संगठन का कहना है कि जिले में करीब 300 ईंट भट्ठे संचालित हैं, जहां लाखों मजदूर काम करते हैं, लेकिन उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित 718 रुपये प्रति हजार ईंट की दर के अनुसार भुगतान नहीं दिया जा रहा है। आरोप है कि श्रम विभाग के कुछ कर्मचारियों और ईंट भट्ठा संचालकों की मिलीभगत से मजदूरों का शोषण हो रहा है।


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई जगह मजदूरों को मजबूरी में बंधुआ जैसी परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि पीने का साफ पानी, चिकित्सा सुविधा, बच्चों की शिक्षा, पीएफ, बोनस और अन्य कानूनी लाभ भी मजदूरों को नहीं मिल पा रहे हैं।

असंगठित मजदूर मोर्चा ने ज्ञापन के साथ सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का हवाला भी प्रशासन को सौंपा और मांग की कि सभी ईंट भट्ठों की जांच कराई जाए। साथ ही मजदूरों को तय वेतन और श्रम कानूनों के तहत सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।