मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर से हरिद्वार के बीच प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और वैकल्पिक संरेखण रिपोर्ट (ARR) तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस फैसले पर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
मंत्री ने बताया कि RRTS कॉरिडोर बनने के बाद मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलेगी, वहीं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का लाभ केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर परिवहन व्यवस्था से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुजफ्फरनगर-हरिद्वार RRTS की मांग लंबे समय से की जा रही थी। ऐसे में मुख्यमंत्री से मिली सैद्धांतिक मंजूरी क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनका मानना है कि परियोजना के साकार होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र की तस्वीर बदलने में यह योजना अहम भूमिका निभाएगी।