मुजफ्फरनगर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए कथित फर्जी धर्मांतरण वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में थाना छपार क्षेत्र के वर्तमान ग्राम प्रधान बबलू प्रधान उर्फ जुबेर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।


भ्रामक वीडियो से माहौल बिगड़ने की आशंका

पुलिस जांच के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से शामली निवासी युवक आयुष मलिक से जुड़ा एक कथित धर्मांतरण वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से तैयार किया गया था और इसकी सामग्री पूरी तरह भ्रामक थी।

अधिकारियों का कहना है कि इस वीडियो के प्रसार से सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।

शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच

इस मामले में हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा ने थाना छपार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 353 BNS और 67 IT Act के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।

इसके बाद साइबर तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया विश्लेषण के जरिए मामले की गहन जांच की गई, जिसमें आरोपी की पहचान सामने आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में अंजाम दिया गया। अभियान का नेतृत्व SP सिटी अमृत जैन, CO सदर विनय कुमार द्विवेदी और थाना प्रभारी मोहित कुमार की टीम ने किया।


पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर AI के जरिए तैयार की गई फर्जी या भ्रामक सामग्री फैलाकर सामाजिक तनाव पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो, फोटो या संदेश को बिना सत्यापन किए साझा न करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।