मुजफ्फरनगर। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा के हालिया दौरे ने जिले की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चाएं शुरू कर दी हैं।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान राम आसरे विश्वकर्मा ने पीडीए (PDA) अभियान के तहत पुरकाजी और मीरापुर विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम किए। इसके बाद वे पूर्व सांसद और वरिष्ठ सपा नेता कादिर राणा के आवास पहुंचे, जहां उनके सम्मान में भोज का आयोजन किया गया।

कादिर राणा के आवास पर जुटे सपा कार्यकर्ता
कादिर राणा के आवास पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान राम आसरे विश्वकर्मा का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए कई नेता भी एक साथ नजर आए, जिससे सियासी हलचल और बढ़ गई।
संगठन में भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि जब भी समाजवादी पार्टी का कोई बड़ा नेता मुजफ्फरनगर आता है, तो उसकी मुलाकात कादिर राणा से जरूर होती है। इसी क्रम में राम आसरे विश्वकर्मा का उनके आवास पहुंचना भी उनकी संगठन में सक्रियता और प्रभाव को लेकर नई चर्चाओं का कारण बना है।
अनुपस्थिति ने खड़े किए सवाल
हालांकि इस कार्यक्रम में सांसद हरेंद्र मलिक, चरथावल विधायक पंकज मलिक और सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी की अनुपस्थिति ने भी राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया है। इसे पार्टी के भीतर संभावित गुटबाजी और शक्ति संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।

PDA अभियान के बीच बदलते समीकरण
समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में मुजफ्फरनगर की यह राजनीतिक तस्वीर संकेत दे रही है कि कादिर राणा अब भी जिले में एक मजबूत प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं और 2027 के चुनावी समीकरणों में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।