अयोध्या के राम मंदिर परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में दो अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर एक विशेष धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम रखा गया है, जिसकी अगुवाई ‘बजरंगी’ के नाम से प्रसिद्ध विनय कटियार करेंगे।

जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में बजरंग दल के पूर्व सभी संयोजक, लगभग 50 साधु-संत और कुल मिलाकर करीब 200 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। राम मंदिर आंदोलन में बजरंग दल के योगदान को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।

विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से पहली बार बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस तरह मंच पर बुलाया गया है। इसे आंदोलन के सभी घटकों के बीच सम्मान और सहयोग को बढ़ावा देने का संकेत माना जा रहा है।

गौरतलब है कि बजरंग दल की स्थापना विनय कटियार ने की थी। हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट के गठन और मंदिर निर्माण तक आयोजित कई बड़े कार्यक्रमों में उनका सक्रिय रूप से हिस्सा लेना सीमित रहा। इस दौरान उनकी नाराजगी कई बार बयानों के माध्यम से सामने आई, विशेषकर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर। ऐसे में हनुमान जयंती के इस मंच पर विनय कटियार की प्रमुख भूमिका उन्हें केवल धार्मिक आयोजन का हिस्सा नहीं बल्कि संगठनात्मक समन्वय और पुराने मतभेदों को दूर करने की पहल के रूप में देखी जा रही है।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश में बजरंग दल को मजबूत करने वाले और वर्तमान में वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे जयभान सिंह पवैया को भी विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा बजरंग दल के पूर्व संयोजक प्रकाश शर्मा और सुरेंद्र जैन भी उपस्थित रहेंगे।

बजरंग दल और राम मंदिर आंदोलन में पवैया का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा के अनुसार, विनय कटियार और जयभान सिंह पवैया दोनों ने संगठन के शीर्ष पदों पर रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बजरंग दल के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 1995 में अमरनाथ यात्रा पर आतंकियों की धमकियों के बावजूद पवैया ने हजारों बजरंगियों के साथ यात्रा की थी, जो आज भी आंदोलन में एक प्रेरक उदाहरण माना जाता है।

कुल मिलाकर यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा का पालन नहीं बल्कि संगठनात्मक एकता, योगदान का सम्मान और समन्वय का प्रतीक भी साबित होगा।