लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) से नाम हटने की स्थिति में अब लोग 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के पास अपील कर सकेंगे। यदि डीएम का निर्णय संतोषजनक नहीं होता है, तो यह अपील निर्णय आने के 30 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास की जा सकती है।
राज्य में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के तहत अनुमानित रूप से 6-7 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की संभावना है।
मतदाता सूची जारी होने की तारीख
अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित होगी। 27 अक्टूबर 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ नाम दर्ज थे। इनमें से 1.04 करोड़ लोगों के नाम 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं होने और 2.22 करोड़ लोगों के नाम तार्किक त्रुटियों के कारण नोटिस के तहत हटाए गए थे। नोटिस प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है और सभी लोग अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन का इंतजार कर रहे हैं।
विलोपित नाम और कॉलम में जानकारी
मतदाता सूची से जिन नामों को हटाया जाएगा, वे अपनी क्रम संख्या पर बने रहेंगे, लेकिन उनके आगे कॉलम में ‘विलोपित’ (Deleted) लिखा होगा। इसके अलावा हटाने का कारण भी कोड के रूप में दिखेगा:
- ई (मृतक)
- एस (स्थानांतरित)
- आर (पुनरावृत्ति)
- एम (लापता)
- क्यू (अयोग्य)
साथ ही संबंधित बूथ के अंतिम पृष्ठ पर हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या भी दर्ज की जाएगी।