चंदौसी की अदालत ने संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि सात दिनों के भीतर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मामला खग्गू सराय निवासी आलम से जुड़ा है, जो जामा मस्जिद सर्वे के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे कुल तीन गोलियां लगी थीं। आरोपों में तत्कालीन संभल सर्किल के सीओ अनुज चौधरी और कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार तोमर के नाम सामने आए हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत में बताया कि हिंसा के दिन सीओ और अन्य पुलिसकर्मी भीड़ पर फायरिंग कर रहे थे।

पीड़ित आलम के पिता यामीन ने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका बेटा बिस्किट बेचने का काम करता है। 24 नवंबर की सुबह वह अपने तीन पहिया ठेले पर बिस्किट बेचने निकला। जामा मस्जिद के पास पहुंचते ही तत्कालीन सीओ, कोतवाली प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उस पर गोली चलाई। आलम ने भागने की कोशिश की, लेकिन दो गोलियां उसकी पीठ में और एक हाथ में लगी।

घायल आलम को परिजन पहले निजी अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर उसे उच्चस्तरीय अस्पताल में रेफर किया गया। मेरठ में ऑपरेशन के बाद उसकी जान बचाई जा सकी।

पीड़ित के पिता का आरोप है कि उनके बेटे ने साफ तौर पर कहा था कि गोली सीओ, कोतवाली प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने चलाई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

अदालत ने इसके बाद कोतवाली संभल में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और 15 से 20 अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि उन्हें अभी कोर्ट का आदेश नहीं मिला है, लेकिन आदेश प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।