शामली: एंटी करप्शन टीम ने शामली के कांधला क्षेत्र के गांव डुढ़ार में तैनात संविदा लाइनमैन रामबीर सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रामबीर ने मीटर लगाने के नाम पर ग्रामीण से पैसे मांगें और बिना रिश्वत के काम करने से इनकार किया।

शिकायत शिवम नामक ग्रामीण ने छह मार्च को एंटी करप्शन थाना सहारनपुर में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बिजली का बकाया भुगतान जमा करने के बावजूद विभाग की तरफ से मीटर नहीं लगाया जा रहा था। इसके बाद संविदा लाइनमैन ने दस हजार रुपये की रिश्वत मांगते हुए कहा कि तब तक मीटर नहीं लगाया जाएगा।

एंटी करप्शन थाना के प्रभारी जसपाल सिंह ने बताया कि शिकायत में एसडीओ कार्यालय के एक लिपिक को भी इसमें शामिल बताया गया। इस पर टीम ने योजना बनाई। सोमवार को शिवम को 500 रुपये के 20 नोटों में ट्रैकिंग के लिए दिए गए और जब उसने रामबीर को कुल दस हजार रुपये थमाए, तो टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

गांव डुढ़ार निवासी शिवम ने बताया कि वह पिछले 15 दिन से मीटर लगवाने के लिए बिजलीघर और विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहा था, लेकिन रामबीर लगातार बिना रिश्वत दिए काम करने से मना कर रहा था।

जसपाल सिंह ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता के विद्युत विभाग पर कुल 52 हजार रुपये का बिल बकाया था। दिसंबर में ओटीएस योजना के तहत पंजीकरण कराने के बाद छूट मिलने पर उसने 30,286 रुपये जमा किए। इसके बाद विभाग पर कोई बकाया नहीं बचा था, फिर भी मीटर लगाने के लिए उसे परेशान किया जा रहा था।

एंटी करप्शन टीम में इंस्पेक्टर अमित कुमार, साबिर अली, एसआई विकास त्यागी, तीन दीवान और छह कांस्टेबल शामिल थे। टीम दो कारों से कांधला पहुंची और बिजलीघर के आसपास मौजूद रहकर रामबीर को रंगे हाथ दबोच लिया। इस मामले में लिपिक की भूमिका की जांच अभी जारी है।