आगरा के राष्ट्र प्रेरणा स्थल की पार्किंग में चरने गई लगभग 150 भेड़ें रविवार रात जहरीली स्थिति में पहुंच गईं। इनमें से 71 भेड़ों की मौत हो गई। घटना की सूचना सोमवार दोपहर पशु चिकित्सा अधिकारियों को मिली, जिन्होंने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बचे हुए पशुओं का उपचार शुरू किया। मृतकों का पोस्टमार्टम और विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा।
परिवार के पालन-पोषण का संकट
भेड़ों के मालिक, फतेहपुर के ढकौली मदरिया निवासी शिवरतन पाल के पास कुल 350 भेड़ें हैं। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर भेड़ों को चराने के लिए पार्किंग के पास छोड़ा गया। वहीं, फेंके गए भोजन को खाने के बाद भेड़ें शाम तक घैला पुल के किनारे मरणासन्न अवस्था में पहुंच गईं। रात करीब 12:30 बजे उनके बेटे प्रदीप ने देखा कि 10 भेड़ें मृत हैं। परिवार ने तत्काल उपचार की कोशिश की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
पशु चिकित्सा टीम ने बचाई बाकी भेड़ें
सोमवार सुबह गांव के लोगों ने घैला चौकी प्रभारी राजदीप चौधरी को सूचना दी। इसके बाद इंस्पेक्टर मड़ियांव के नेतृत्व में एसीपी अलीगंज, SDM सदर और चीफ वेटनरी अफसर के साथ टीम मौके पर पहुंची। डॉ. आर.पी. सचान ने बताया कि बचे 100 से अधिक भेड़ों को इंजेक्शन और ग्लूकोज दिया गया। अतिरिक्त चिकित्सक ककौली और लखनऊ से बुलाए गए। शाम 6:30 बजे तक इलाज जारी रहा।
मृतकों का अंतिम संस्कार और संभावित कारण
डॉ. सचान ने कहा कि अत्यधिक भोजन के कारण पशुओं का पेट फूल सकता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और मौत भी हो सकती है। डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मृत 71 भेड़ों को पास ही दफना दिया गया।
आर्थिक संकट में परिवार
शिवरतन पाल ने बताया कि भेड़ें ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन हैं। 71 भेड़ों की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उनके बेटे विजय ने सरकार से मदद की मांग की है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
घटना स्थल पर उपस्थित संस्था “आसरा द हेल्पिंग हैंड्स” की संस्थापक चारु खरे ने कहा कि पार्किंग में फेंके गए भोजन का निस्तारण सही तरीके से नहीं हुआ। उन्होंने मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराकर वास्तविक कारण जानने और यदि लापरवाही या जहर की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। संस्था ने मड़ियांव पुलिस को तहरीर भी सौंप दी है।
सफाई की जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण की
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के आउटर इलाके की सफाई की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की है। जोनल अधिकारी नगर निगम, आकाश कुमार ने बताया कि सफाई करवाई जा रही होगी।