बरेली में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा के पहले ही दिन नकल रैकेट पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बुधवार को पहली पाली के दौरान इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में एक सॉल्वर को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान आजमगढ़ निवासी प्रमोद के रूप में हुई है, जो असली अभ्यर्थी विमल सिंह की जगह परीक्षा दे रहा था।
सुरक्षा जांच के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी पकड़ में आते ही पूरा मामला उजागर हो गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया और पुलिस को सौंप दिया।
डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
पूछताछ में आरोपी प्रमोद ने स्वीकार किया कि उसने यह परीक्षा किसी और की जगह देने का सौदा करीब 1.5 लाख रुपये में किया था। पुलिस के अनुसार, उसने आधार कार्ड पर फोटो बदलकर फर्जी पहचान तैयार की थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोतवाली भेज दिया है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने भी मामले की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।
20 केंद्रों पर चल रही थी परीक्षा
बरेली जिले में बुधवार को 20 परीक्षा केंद्रों पर टीजीटी परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा दो दिन में चार पालियों में कराई जा रही है, जिसमें कुल 32,365 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। प्रशासन ने सख्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के दावे किए थे, लेकिन पहले ही दिन सॉल्वर पकड़े जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
परीक्षा सुबह 9 बजे से 11:30 बजे तक चली। केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
परीक्षा के बाद यातायात प्रभावित
परीक्षा समाप्त होने के बाद बरेली कॉलेज और अन्य केंद्रों के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे कई जगह जाम की स्थिति बन गई। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर भी यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
प्रशासनिक स्तर पर परीक्षा की निगरानी के लिए कई अधिकारियों को तैनात किया गया था, लेकिन सॉल्वर की गिरफ्तारी ने परीक्षा व्यवस्था की सख्ती पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।