सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 20 जनवरी को लखनऊ में पार्टी के सभी सांसदों की बैठक बुलाई है। इसमें लोकसभा के 37 और राज्यसभा के 4 सांसद हिस्सा लेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में हर संसदीय क्षेत्र की विधानसभा सीटों की स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। इसका मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक मजबूत और संगठित योजना तैयार करना है।

कैंट में विनय शंकर तिवारी को जिम्मेदारी

अखिलेश यादव ने लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने और एसआईआर संबंधित कार्यों की निगरानी के लिए पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के पुत्र और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी है। इससे सपा की आगामी रणनीति के संकेत मिलते हैं।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से महानगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी को पत्र भेजकर इस बारे में जानकारी दी गई। सिद्दीकी ने अमर उजाला को बताया कि पार्टी कैंट में पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ेगी। पत्र में यह भी कहा गया कि विनय शंकर तिवारी और पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडेय को संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने, फार्म नंबर 6, 7 और 8 के कार्यों को पूरा कराने और आपत्तियों के निस्तारण के लिए प्रभारी बनाया गया है।

कैंट विधानसभा सीट ब्राह्मण बहुल मानी जाती है और वर्ष 2022 में यहां से भाजपा के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जीतकर निकले थे। विनय शंकर तिवारी और ब्रजेश पाठक की पहले बसपा में नज़दीकी रही है, इसलिए सपा द्वारा तिवारी को जिम्मेदारी देना आगामी विधानसभा चुनाव के परिदृश्य से जोड़ा जा रहा है।

बरेली इकाई का भंग और नई कमेटी का गठन

सपा ने बरेली जिला कार्यकारिणी को अध्यक्ष समेत भंग कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जल्द ही वहां नई कमेटी का गठन होगा। इसके लिए अखिलेश यादव ने पहले ही रणनीति तैयार कर ली है। पुराने समाजवादी कार्यकर्ता को नए जिलाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाएगा।