लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी के सभी सांसदों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, संगठन की मजबूती और संसदीय क्षेत्रों की जमीनी स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने सांसदों से कहा कि मौजूदा 37 सांसद 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को जीत की ओर ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

बैठक के बाद सपा सांसद ज़िया उर रहमान बर्क ने बताया कि पार्टी एकजुट होकर चुनावी तैयारी में जुटी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट है—पूरी ताकत से चुनाव लड़ना और जनता के समर्थन से समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना। सभी सांसद मिलकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करेंगे।

इस बीच, अखिलेश यादव ने लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र को लेकर भी बड़ा संकेत दिया है। संगठन को मजबूत करने और एसआईआर से जुड़े कार्यों की निगरानी के लिए पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को वहां जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सीट फिलहाल उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के पास है, जिससे इस फैसले को भविष्य की चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से इस संबंध में महानगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी को पत्र भेजा गया है। सिद्दीकी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कैंट विधानसभा क्षेत्र में पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

पार्टी के निर्देशानुसार विनय शंकर तिवारी और पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडेय को कैंट विधानसभा क्षेत्र में संगठन विस्तार, एसआईआर के तहत फार्म 6, 7 और 8 से जुड़े कार्य पूरे कराने तथा आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी गई है। ब्राह्मण बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर सपा की सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

इधर, संगठनात्मक बदलाव के तहत समाजवादी पार्टी ने बरेली जिला कार्यकारिणी को अध्यक्ष सहित भंग कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जल्द ही नई जिला कमेटी गठित की जाएगी। इसके लिए नेतृत्व स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है और समाजवादी विचारधारा से जुड़े अनुभवी कार्यकर्ता को नई जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है।