लेखपाल भर्ती की संशोधित सूची जारी होने के बाद राजनीतिक दलों में इसका श्रेय लेने की होड़ मची है। इस क्रम में सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया है कि आयोग ने सपा के विरोध के बाद ही भर्ती विज्ञापन में बदलाव किया। संशोधित सूची में ओबीसी वर्ग के 717 पद बढ़ाए गए हैं, जबकि सामान्य वर्ग के 905 पद घटाए गए हैं।

सपा अध्यक्ष का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के नेता संविधान द्वारा दिए गए आरक्षण को न केवल नजरअंदाज कर रहे हैं, बल्कि इसे सरेआम कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि ओबीसी, दलित, अल्पसंख्यक या महिला, सभी भाजपा की नज़र में दूसरे दर्जे के नागरिक हैं।

जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार का मुख्य केंद्र बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों, सड़क निर्माण और जल जीवन मिशन समेत हर क्षेत्र में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। कई जिलों में पानी की टंकियां भ्रष्टाचार के कारण धराशायी हो गई हैं।

अवैध कारोबार और माफियाओं का जाल
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में अवैध और नशीले कारोबार का जाल फैल चुका है। भाजपा सरकार ने भूमाफिया, ड्रग माफिया और खनन माफिया को संरक्षण दिया है, जो हर क्षेत्र में लूट और भ्रष्टाचार कर रहे हैं। उन्होंने कन्नौज के छिबरामऊ में चार दिन में 20 लाख रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क उखड़ने का उदाहरण भी दिया।

त्रिपुरा छात्र की हत्या पर टिप्पणी
सपा अध्यक्ष ने देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या को घृणित मानसिकता का परिणाम बताया। उनका कहना है कि विघटनकारी सोच और सरकारी संरक्षण प्राप्त लोग समाज में विष की तरह फल-फूल रहे हैं। अखिलेश यादव ने सर्वोच्च न्यायालय से घटना पर स्वतः संज्ञान लेकर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।