लखनऊ में शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले ही दिन सियासी टकराव के आसार बन गए हैं। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को सत्र के आगाज़ से पहले विधानभवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके बाद पार्टी के विधायक राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन में भी विरोध जताते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाने की तैयारी में हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुई सपा विधायक दल की बैठक में सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति तय की गई। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को प्रमुख मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, खाद की कमी, एमएसपी पर बिचौलियों की खरीद और कोडीन सिरप से जुड़े मामले भी सरकार के खिलाफ उठाए जाएंगे।
अमेरिका से ट्रेड डील पर अखिलेश का हमला
बैठक के बाद अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कोई फायदे की डील नहीं, बल्कि किसानों और छोटे उद्योगों के लिए नुकसानदेह ढील है। उनका कहना था कि इस समझौते से खेती और एमएसएमई सेक्टर पर दबाव बढ़ेगा, क्योंकि वे अमेरिकी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश का बजट आम जनता के हितों की बजाय अन्य प्राथमिकताओं में खर्च किया जा रहा है।