लखनऊ। राजधानी में लगातार लग रहे भीषण ट्रैफिक जाम को लेकर पुलिस महकमे ने कड़ा कदम उठाया है। यातायात व्यवस्था में सुधार न होने पर ADCP ट्रैफिक और ACP ट्रैफिक को उनके पदों से हटा दिया गया है। राघवेंद्र सिंह को नया ADCP ट्रैफिक नियुक्त किया गया है, जबकि शशि प्रकाश मिश्रा को ACP ट्रैफिक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादला आदेशों के तहत ADCP ट्रैफिक रहे अशोक कुमार सिंह को अब हाईकोर्ट सुरक्षा का दायित्व दिया गया है। वहीं ACP ट्रैफिक सुरेंद्र कुमार शर्मा को अलीगंज सर्किल का ACP बनाया गया है। यह प्रशासनिक फेरबदल नए साल के पहले दिन राजधानी में लगे भारी ट्रैफिक जाम के बाद सामने आई जनशिकायतों के मद्देनज़र किया गया है।
बताया जा रहा है कि ट्रैफिक प्रबंधन में लगातार आ रही दिक्कतों और समय पर समाधान न निकल पाने के कारण यह बदलाव जरूरी माना गया। सरकार और पुलिस विभाग राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही थीं।
फुटपाथ पर अतिक्रमण बना जाम की बड़ी वजह
जांच में यह भी सामने आया कि कई इलाकों में अवैध वेंडरों ने फुटपाथों पर कब्जा कर रखा है। सड़क किनारे लगी दुकानों पर लोगों की भीड़ लगने से यातायात बाधित हो रहा था, जिससे लंबा जाम लग रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात भी उजागर हुई कि कुछ स्थानों पर चौकी स्तर से मिलीभगत के चलते ये दुकानें लगाई जा रही थीं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले नए साल के दिन लगे ट्रैफिक जाम को लेकर जनता के आक्रोश के बाद पुलिस विभाग ने जिम्मेदारी तय की थी। शनिवार देर शाम कई उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों पर कार्रवाई की गई थी। डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने लापरवाही के आरोप में तीन चौकी प्रभारियों को लाइन हाजिर किया था, जबकि दो अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा चौक क्षेत्र के ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के लिए डीसीपी ट्रैफिक को पत्र भी भेजा गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।