लखनऊ। जल जीवन मिशन में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाने के बाद सुर्खियों में आए चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत को भाजपा प्रदेश संगठन द्वारा भेजा गया जवाब-तलब नोटिस अब रहस्य बन गया है। दावा किया गया था कि जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को सड़क पर रोककर सवाल उठाने के मामले में विधायक को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इसका कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
हैरानी की बात यह है कि नोटिस जारी होने की खबरें तो जोर-शोर से फैलाई गईं, लेकिन न तो संबंधित विधायक को अब तक कोई नोटिस मिला है और न ही प्रदेश संगठन का कोई पदाधिकारी इस पर खुलकर कुछ कहने को तैयार है। स्थिति यह है कि कोई भी यह स्पष्ट नहीं कर रहा कि नोटिस वास्तव में भेजा गया था या नहीं।
दरअसल, महोबा जिले में जल जीवन मिशन को लेकर उठे भ्रष्टाचार के आरोपों के दौरान विधायक ब्रजभूषण राजपूत और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद पार्टी संगठन की ओर से विधायक पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की चर्चा शुरू हुई। हालांकि कथित नोटिस की प्रति आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस बीच विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने भी इस मामले में सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यदि विधायक को नोटिस दिया गया है तो फिर मंत्री पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसी बयान के बाद नोटिस जारी होने की बात और ज्यादा चर्चा में आई।
आमतौर पर भाजपा संगठन किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सूचना तत्काल सार्वजनिक कर देता है, लेकिन इस प्रकरण में असामान्य चुप्पी देखने को मिल रही है। संगठन की यह खामोशी अब कई सवाल खड़े कर रही है।
विधायक ब्रजभूषण राजपूत का कहना है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से अब तक कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “मीडिया में नोटिस की बात जरूर सुनी है, लेकिन मुझे कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला। यदि नोटिस मिलेगी तो उसका जवाब दिया जाएगा।”