लखनऊ में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी साजिश नेटवर्क का खुलासा होने के बाद रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी है। गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े नेटवर्क और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के इशारे पर स्लीपर सेल तैयार किए गए थे, जिनका उद्देश्य रेलवे ट्रैक को निशाना बनाना था।

पूछताछ में बड़े खुलासे

एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश सहित पंजाब, बिहार और महाराष्ट्र में रेलवे ट्रैक, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और राजनीतिक दलों के कार्यालयों को निशाना बनाने का टारगेट दिया गया था।

इन खुलासों के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

चारबाग से शुरू हुई कार्रवाई

3 अप्रैल को एटीएस ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से साकिब, अरबाब, लोकेश और विकास को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये लोग आईएसआई समर्थित नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे और युवाओं को स्लीपर सेल में भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे।

इसके बाद एटीएस ने अलग-अलग स्थानों से तुषार, समीर, दानियाल अशरफ, कृष्णा मिश्रा और मोहम्मद शेख समेत कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

ऑनलाइन ट्रेनिंग और साजिश का खुलासा

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने विदेशी हैंडलरों से ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया था और देश में बड़े पैमाने पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजना पर काम कर रहे थे।

रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

एटीएस ने यह जानकारी रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के साथ साझा की है, जिसके बाद पूरे राज्य में रेलवे ट्रैकों की निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

6 जून को विशेष सतर्कता

सूत्रों के अनुसार, 6 जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। रेलवे पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी ने बताया कि पूरे प्रदेश में रेलवे ट्रैकों की नियमित जांच और निगरानी लगातार जारी है।