उत्तर प्रदेश। महिला अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को और मजबूत बनाया जा रहा है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश सरकार प्रत्येक केंद्र को चार-चार स्कूटी और एक-एक मोबाइल फोन उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को त्वरित और प्रभावी पुलिसिंग में सुविधा प्रदान करना है।
प्रदेश में कुल 1600 मिशन शक्ति केंद्र संचालित हैं, जो भीड़भाड़ वाले इलाकों, स्कूल-कॉलेज, बाजार और अन्य संवेदनशील स्थलों के आसपास स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो महिला और बाल संबंधी अपराध की शिकायतों पर तुरंत प्रतिक्रिया देती हैं। मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि नए फेज में प्रत्येक केंद्र को चार स्कूटी और एक मोबाइल फोन मिलेगा। कुल मिलाकर 6400 स्कूटी और 1600 मोबाइल फोन पूरे प्रदेश के केंद्रों में वितरित किए जाएंगे।
त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सुविधा
एडीजी पद्मजा चौहान ने कहा कि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर महिला पुलिसकर्मियों का तुरंत मौके पर पहुंचना बेहद जरूरी है। स्कूटी मिलने से वे मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच सकेंगी, जिससे कार्रवाई तेज और प्रभावी होगी। वर्ष 2026 में मिशन शक्ति केंद्रों में और नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, ताकि महिला उत्पीड़न और अपराध मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा सके और घटनाओं को रोका जा सके।
रियल टाइम मॉनिटरिंग
केंद्रों पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले मोबाइल फोन पर विशेष एप्लिकेशन होगा। इस एप के माध्यम से प्रत्येक सूचना और घटना का विवरण भरना अनिवार्य होगा, जिससे अधिकारी रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इसके अलावा पुलिसकर्मी सीधे अफसरों के संपर्क में रहकर तुरंत कार्रवाई कर पाएंगी।