उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने आगामी परीक्षाओं को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में सॉल्वर या किसी भी प्रकार की नकल गतिविधि में पकड़े जाने पर आरोपी की चल और अचल संपत्ति तक जब्त की जा सकती है। इसके लिए विवेचक अपनी रिपोर्ट संबंधित जिले के जिलाधिकारी को भेजेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर चर्चा भी अपराध की श्रेणी में

बोर्ड के अनुसार, परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्रों या उनके कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा, विश्लेषण या प्रसार करना भी कानून के तहत दंडनीय अपराध है। अपर सचिव भर्ती सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि कुछ लोग परीक्षा सामग्री को लेकर अनधिकृत रूप से जानकारी साझा कर रहे हैं, जो कि यूपी सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के अंतर्गत पूरी तरह प्रतिबंधित है।

सॉल्वर गैंग पर कड़े प्रावधान

नए कानून के तहत सॉल्वर गिरोह या नकल में शामिल पाए जाने पर पहली बार दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 वर्ष की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, दोबारा दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास और 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।