पश्चिम बंगाल के सीएम के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड से जुड़े मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस में कार खरीद से जुड़े आरोपी बताए जा रहे बलिया जिले के बांसडीह रोड क्षेत्र के शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू गुरुवार को गैंगस्टर कोर्ट में पेश हुआ। इस बात की पुष्टि उसकी पत्नी महिमा सिंह ने की है, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
मामले में क्या है आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि ज्ञानेंद्र सिंह पर हत्याकांड में इस्तेमाल की गई कार की खरीद में भूमिका निभाने और एक अन्य आरोपी नवीन को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। इस मामले की जांच यूपी एसटीएफ और सीबीआई लंबे समय से कर रही है और आरोपी की तलाश जारी थी।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों की नजरों से बचते हुए वह पहले से चल रहे एक गैंगस्टर केस में कोर्ट में पेश हो गया, जिसके बाद उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलते ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
जानकारी के मुताबिक, ज्ञानेंद्र सिंह पर उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित कई राज्यों में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच के दौरान यूपी एसटीएफ और फेफना पुलिस ने नवीन सिंह के पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए थे, जिसके बाद कई नाम सामने आए और जांच का दायरा बढ़ाया गया।
पुराना विवाद और धमकी के आरोप
बताया जाता है कि वर्ष 2022 में गांव में जमीन विवाद को लेकर फायरिंग की घटना भी सामने आई थी, जिसमें मोनू सिंह समेत अन्य लोगों पर केस दर्ज हुआ था। वहीं इस पूरे मामले के बाद पीए हत्याकांड से जुड़े नाम सामने आने पर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
इधर, पीड़ित पक्ष की ओर से मुकेश सिंह की पत्नी रीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और आरोप
गिरफ्तारी से पहले ज्ञानेंद्र सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। वीडियो में उसने दावा किया था कि विपक्षी पक्ष उसे कोलकाता लेकर गया था और उसी ने कार दिलवाई थी।