लखनऊ। यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र गुरुवार सुबह 11 बजे शुरू होते ही राजनीतिक तनाव और शोरगुल का माहौल बन गया। कार्यवाही की शुरुआत के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच महिला आरक्षण बिल को लेकर तीखी बहस छिड़ गई, जो जल्द ही हंगामे में बदल गई।
सदन के बाहर भी माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर लिखी तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लागू करने के पक्ष में नहीं दिख रही, जबकि इस संबंध में विधेयक पहले ही पारित किया जा चुका है।भाजपावाले ‘महिला को मुद्दा’ मानते हैं, सच में उनकी सोच महिला विरोधी है।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) April 30, 2026
33% महिला आरक्षण लागू करो ! pic.twitter.com/e1fJqfBcFd
वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि भाजपा महिला मुद्दों को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन उनकी वास्तविक सोच और रवैया महिलाओं के हितों के खिलाफ नजर आता है।