लखनऊ रेलवे मार्ग से अब पांच प्रमुख रूटों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की सुविधा मिलने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और भीड़भाड़ में राहत मिलेगी। अगले सप्ताह जारी होने वाली रेलवे की पिंक बुक में इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी शामिल होगी।

रेलवे के छोटे स्टेशनों को भी यात्री सुविधाओं के मामले में बढ़ावा मिलेगा। चारबाग फोरलेन आउटर, स्टेशन अपग्रेडेशन, कवच सिस्टम और नई लाइन बिछाने के कामों को तेज करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही लखनऊ-कानपुर और लखनऊ-गोरखपुर रूट पर कवच सिस्टम की मदद से सुरक्षा को मजबूत कर दुर्घटनाओं की संभावना कम की जाएगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें:
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ मार्ग से पांच स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें अयोध्या–दिल्ली, वाराणसी–दिल्ली, जम्मू–हावड़ा, मुंबई–गोरखपुर और चंडीगढ़–कोलकाता (वाया लखनऊ) शामिल हैं। हालांकि, इन ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से पटरी पर उतारा जाएगा। इस साल कम से कम दो ट्रेनें शुरू करने की योजना है।

पिंक बुक में योजनाओं की जानकारी:
रेलवे की पिंक बुक में देशभर के रेलवे जोन, वर्कशॉप और आरडीएसओ से जुड़ी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी होती है। इसमें यह भी शामिल होता है कि कौन सी योजनाओं के लिए कितनी धनराशि स्वीकृत हुई है। लखनऊ के रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिंक बुक अगले सप्ताह तक जारी हो जाएगी और इसमें शहर की रेल परियोजनाओं का पूरा विवरण होगा।

स्टेशन अपग्रेडेशन और सुरक्षा:
चारबाग और गोमतीनगर रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके अलावा, चारबाग फोरलेन आउटर, छोटे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाएं, इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम और आरडीएसओ में नए अनुसंधान के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है।

चारबाग और लखनऊ जंक्शन:
लखनऊ जंक्शन को चारबाग स्टेशन का हिस्सा बनाकर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की कवायद चल रही है। इससे ग्रेटर चारबाग तैयार होगा और स्टेशन संचालन में आने वाले विवादों को खत्म किया जा सकेगा।

सुरक्षा पर जोर:
लग्जरी ट्रेनों में सीसीटीवी लगाना और स्टेशनों पर इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए बजट में धनराशि मिलने की संभावना है। लखनऊ-कानपुर और लखनऊ-गोरखपुर रूट पर कवच सिस्टम की मदद से हादसों को रोकने की तैयारी की जा रही है।