लखनऊ। योगी सरकार ने शुक्रवार को अपना 10वां बजट विधानमंडल के दोनों सदनों से मंजूर करा लिया। इस बजट का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है। बजट विनियोग विधेयक पारित होते ही विधानसभा और विधान परिषद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

इस बार का बजट सत्र कुल 10 दिनों तक चला, जिसमें सरकार ने छह महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए। इनमे शामिल हैं:

  • उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक

  • उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक

  • उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक

  • उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) विधेयक

  • उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक

प्रश्न और कार्यवाही का आंकड़ा
विधानसभा में इस बार कुल 2427 प्रश्न आए, जिनमें से 2322 यानी 95.67% ऑनलाइन प्राप्त हुए। स्वीकृत प्रश्नों की संख्या 1956 रही, जिनमें से 958 प्रश्नों का उत्तर सदस्यों को मिल चुका है। सत्र की कुल अवधि 75.08 घंटे रही, जिसमें 2.23 मिनट व्यवधान रहा।

नियम 301 के तहत कुल 694 सूचनाएं मिलीं, जिनमें से 358 सूचनाओं को मंजूरी दी गई। विपक्ष की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव के रूप में 62 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 16 सुनी गईं और तीन सूचनाएं सरकार को ध्यान आकृष्ट कराने के लिए भेजी गईं।

अधिकारियों और कर्मचारियों को बढ़ा मानदेय
बजट सत्र के दौरान विधान सभा और संसदीय कार्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को 17,500 रुपये मानदेय मिलेगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सत्र के अंतिम दिन यह घोषणा की। पिछले वर्ष यह राशि 16,500 रुपये थी। साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए मोबाइल रिचार्ज भत्ता 150 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति माह कर दिया गया।