मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को नालंदा जिले के परनावा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने शरण निवास बाबा महतो साहब की जन्मस्थली पर आयोजित राजकीय मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में उन्होंने लगभग 14 मिनट के संबोधन में राज्य सरकार के विकास विजन और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से साझा किया।
विकसित बिहार की दिशा में सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य में शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में बताया।
शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की योजना
सम्राट चौधरी ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार हर ब्लॉक में उच्च गुणवत्ता वाले मॉडल स्कूल और कॉलेज विकसित करेगी। उनका कहना था कि इन संस्थानों का स्तर इतना बेहतर होगा कि समाज के सभी वर्गों के लोग अपने बच्चों का नामांकन वहां कराने के लिए आकर्षित होंगे।
बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जब तक बेटियां सुरक्षित घर नहीं लौट आतीं, तब तक पुलिस को सतर्क रहना होगा।
पंचायत स्तर पर समाधान व्यवस्था
जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 19 मई से प्रत्येक पंचायत में अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो मौके पर ही ब्लॉक, अंचल और थाने से संबंधित शिकायतों का निपटारा करेंगे।
बाबा महतो धाम के विकास की घोषणा
परनावा स्थित बाबा महतो धाम के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने मंदिर तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, भूमि अधिग्रहण और मेले के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही, स्थानीय आईटीआई और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम बाबा महतो साहब के नाम पर रखने की घोषणा भी की गई।
रोजगार और निवेश पर बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी के अवसर देना है। इसके साथ ही बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कोई राजनीतिक टिप्पणी करने से परहेज किया और पूरी तरह से विकास, सुशासन और जनकल्याण के एजेंडे पर अपना फोकस बनाए रखा।