नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर देश की सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को राजस्थान के सीकर पहुंचकर आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थी प्रदीप मेघवाल के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रदीप मेघवाल की मौत सिर्फ आत्महत्या नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी व्यवस्था का नतीजा है जो खामियों और भ्रष्टाचार से जूझ रही है। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।

दिल्ली स्थित एनएसयूआई कार्यालय में परिजनों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि देशभर के छात्र लगातार पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के दबाव के बीच संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे माहौल में पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करती हैं, बल्कि छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को भी तोड़ देती हैं।

अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नीट अभ्यर्थियों ने उनसे बातचीत में बताया कि अब उन्हें पूरी परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा है। उनके अनुसार, युवाओं में गुस्सा और निराशा साफ दिखाई दे रही है और वे मौजूदा स्थिति से बेहद परेशान हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली को गलत हाथों में सौंप दिया गया है, जबकि जिम्मेदार लोग अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं।

क्या है मामला?

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के सीकर निवासी छात्र प्रदीप मेघवाल ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के समय घर में उनकी एक बहन कोचिंग के लिए बाहर गई हुई थी, जबकि दूसरी बहन घर में ही मौजूद थी।

बताया जा रहा है कि प्रदीप ने नीट यूजी 2026 परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते परीक्षा को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया और इसे बाद में रद्द कर दिया गया। इसी तनाव और विवाद के बीच यह दुखद घटना सामने आई।

गौरतलब है कि 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद से ही यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्ष इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।