हरिद्वार में आज धार्मिक आस्था और भव्य आयोजन के बीच दुनिया के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। साईं शिव गंगा धाम में आयोजित इस विशेष समारोह में 5210 किलोग्राम वजनी पारदेश्वर महादेव शिवलिंग की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ की गई।

पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला और बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा संत-महात्मा मौजूद रहे।

प्रमुख संतों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस अवसर पर कई प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हुईं। इनमें Swami Kailashanand Giri, Swami Avdheshanand Giri, Sadhvi Ritambhara, राज्यसभा सांसद Raghav Chadha और कैबिनेट मंत्री Pradeep Batra सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

शिवलिंग को लेकर विशेष जानकारी

निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने बताया कि यह शिवलिंग रघुनाथ देव महाराज द्वारा भेंट किया गया है। उन्होंने इसे केवल हरिद्वार ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि इस शिवलिंग के दर्शन और पूजा से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और यह विश्व शांति की भावना को मजबूत करता है। उनके अनुसार, कुछ लोग अपने धन का उपयोग केवल भौतिक साधनों के लिए करते हैं, जबकि कुछ इसे धर्म और समाज कल्याण में लगाते हैं।

5210 किलो वजनी शिवलिंग बना आकर्षण का केंद्र

5210 किलोग्राम वजनी यह पारद शिवलिंग अपने विशाल आकार के कारण विशेष पहचान रखता है और इसे इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा एशिया रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

इस शिवलिंग को हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहादराबाद टोल प्लाजा के पास स्थित शिरडी साईं बाबा मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है। इसे विश्व शांति के उद्देश्य से स्थापित किया गया है और इसके निर्माण में लगभग 10 वर्षों का समय लगा है।