उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए घबराहट का माहौल बन गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.02 दर्ज की गई है। झटके लगते ही कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 5 बजकर 13 मिनट 17 सेकंड पर आया। इसका केंद्र रुद्रप्रयाग से लगभग 10 किलोमीटर पूर्व दिशा में स्थित था और इसकी गहराई जमीन से करीब 15 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झटके लगभग 10 से 15 सेकंड तक महसूस किए गए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है, हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

भूकंप क्यों आते हैं?

पृथ्वी की सतह कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी हुई है, जो लगातार हलचल करती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती या खिसकती हैं तो ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है तो धरती में कंपन पैदा होता है, जिसे भूकंप कहा जाता है।

भूकंप का केंद्र और तीव्रता क्या होती है?

जिस स्थान के नीचे भूगर्भीय हलचल के कारण ऊर्जा निकलती है, उसे भूकंप का केंद्र या एपिसेंटर कहा जाता है। इस स्थान के आसपास कंपन सबसे अधिक महसूस होता है, जबकि दूरी बढ़ने के साथ इसका प्रभाव कम होता जाता है। यदि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7 या उससे अधिक हो, तो लगभग 40 किलोमीटर तक के क्षेत्र में इसका असर अधिक हो सकता है।

भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का उपयोग किया जाता है, जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल भी कहा जाता है। इस पैमाने पर भूकंप की ताकत को 1 से 9 तक के स्तर पर मापा जाता है। इससे यह पता चलता है कि धरती के भीतर से कितनी ऊर्जा बाहर निकली और कंपन कितना शक्तिशाली था।