ब्रजघाट, तीर्थनगरी के रूप में प्रसिद्ध, अब अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। क्षेत्र में लूट, चोरी, नशा तस्करी, हत्या और छीना-झपटी जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। बीते दिनों इन समस्याओं को लेकर प्रकाशित एक समाचार के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है और सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

खबर के बाद पुलिस एक्शन में

18 जून को प्रकाशित रिपोर्ट में ब्रजघाट में अपराधियों की सक्रियता और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा लगभग 80 लाख रुपये मूल्य की प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी जैसे गंभीर मामलों को उजागर किया गया था। खबर के बाद गढ़ पुलिस ने रणनीति में बदलाव करते हुए क्षेत्र में रह रहे लोगों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अब झुग्गी-झोपड़ियों, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में ठहरे लोगों का आधार कार्ड चेक किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पहचान पत्र के किसी को भी रुकने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आती है तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए plain clothes (सादी वर्दी) में पुलिसकर्मी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए जा रहे हैं, जो निगरानी रखकर उच्चाधिकारियों को इनपुट देंगे।

जागरूकता के लिए जागरण ने दिए थे ये सुझाव:

  • क्षेत्र में हर समय सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहें
  • पुलिस समय-समय पर किराएदारों का सत्यापन करे
  • छीना-झपटी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए
  • तीर्थ स्थल होने के नाते अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था की जाए
  • अनैतिक गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कठोर कदम उठाए जाएं
  • धर्मशालाओं में चल रहे अवैध कार्यों की जांच हो

पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने के लिए सभी सुझावों को गंभीरता से लिया जा रहा है और उसी के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है।