देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है। इस अवधि के दौरान राज्य की वोटर लिस्ट में किसी भी तरह का नया नाम जोड़ा या हटाया नहीं जा सकेगा। यह रोक विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी।
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया की शुरुआत 29 मई से की जाएगी। इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया जा चुका है। अब 7 जून तक जिलों में प्रशिक्षण चलेंगे, जिसके बाद 8 जून से 7 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाएंगे और उन्हें एकत्र करेंगे।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची “फ्रीज मोड” में रहेगी। यानी इस अवधि में किसी भी नए मतदाता का नाम सूची में दर्ज नहीं होगा और न ही किसी पुराने आवेदन पर कार्रवाई की जाएगी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, यह व्यवस्था SIR प्रक्रिया के कारण लागू की गई है। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित होने के बाद सभी आवेदनों पर फिर से कार्रवाई शुरू होगी।
हालांकि, इस दौरान आवेदन करने की सुविधा जारी रहेगी, लेकिन उनका निपटारा फिलहाल रोक दिया जाएगा।
किन कामों पर रहेगा असर (15 सितंबर तक)
1. नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया रुकी रहेगी
ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के जरिए किए गए आवेदन तुरंत प्रोसेस नहीं होंगे। डाटा सिस्टम “रीड ओनली मोड” में रहेगा, जिससे कोई बदलाव लाइव नहीं दिखेगा।
2. वोटर आईडी कार्ड जारी नहीं होंगे
डेटा फ्रीज होने के कारण नए वोटर कार्ड की प्रिंटिंग और डिलीवरी फिलहाल रोक दी जाएगी।
3. बीएलओ और ईआरओ की प्रक्रिया स्थगित
बूथ लेवल ऑफिसर और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इस दौरान आवेदनों का निपटारा नहीं कर पाएंगे।
4. स्थानांतरण या पते में बदलाव पर रोक
एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में नाम ट्रांसफर या पते में बदलाव भी इस अवधि में संभव नहीं होगा।