उत्तर प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क लगातार तेजी से फैल रहा है और अब यह राज्य के 44 जिलों तक पहुंच चुका है। इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक संजय भंडारी ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की तेज मंजूरी प्रक्रिया के कारण पाइपलाइन बिछाने का काम पहले से कहीं अधिक गति पकड़ चुका है।
उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में करीब 21.55 लाख PNG कनेक्शन दिए जा चुके हैं। वहीं, पिछले एक महीने में ही 28 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य हिस्सों में भी PNG की पहुंच बढ़ाना है, ताकि लोगों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक गैस आपूर्ति मिल सके।
एलपीजी आपूर्ति की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। राज्य में 4,143 वितरकों और 36 बॉटलिंग प्लांट्स के जरिए लगभग 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाई जा रही है। रोजाना औसतन करीब आठ लाख गैस सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है। इसमें से 94 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, और डिलीवरी के समय वेरिफिकेशन कोड प्रणाली का भी सख्ती से पालन किया जा रहा है।
पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी पूरी तरह सुचारू बताई गई है। राज्य के 13,168 पेट्रोल पंपों से ईंधन की नियमित आपूर्ति हो रही है। औसतन हर दिन लगभग 20 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 33 हजार किलोलीटर डीजल की सप्लाई की जा रही है। फिलहाल किसी भी तरह की पाबंदी नहीं है।
भंडारी ने यह भी बताया कि जमाखोरी और अवैध तरीके से ईंधन के दुरुपयोग पर सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। अब तक 33 हजार से अधिक निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 12,701 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। 268 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है और 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।