चंडीगढ़ में न्यायिक प्रशासन से जुड़ा बड़ा फेरबदल सामने आया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक व्यापक आदेश जारी करते हुए पंजाब की जिला न्यायपालिका में तैनात 96 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
यह बदलाव विभिन्न जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने के उद्देश्य से किया गया है। आदेश के तहत कई सिविल जज (सीनियर डिवीजन), मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त सिविल जजों को नए स्थानों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कई अधिकारियों की नई तैनाती
तबादला सूची के अनुसार दलजीत कौर को फरीदकोट, रुपिंदर सिंह को एसएएस नगर, शिल्पा को मानसा और लवदीप हुंडल को जालंधर स्थित विशेष एनआरआई कोर्ट में नई जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह कई अन्य अधिकारियों को फतेहगढ़ साहिब, बरनाला, पटियाला और रूपनगर सहित विभिन्न जिलों में स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा कई न्यायिक अधिकारियों को सेक्रेटरी डीएलएसए (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जिससे न्यायिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
अन्य जिलों में भी बदलाव
रूपनगर, मोगा, संगरूर, तरनतारन, पठानकोट और लुधियाना जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में अधिकारियों की नई पोस्टिंग की गई है। वहीं कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में अलग-अलग स्थानों पर नियुक्त किया गया है।
जूनियर डिवीजन स्तर पर भी बड़े पैमाने पर फेरबदल हुआ है, जिसमें अमृतसर, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, गुरदासपुर और चंडीगढ़ सहित कई जिलों में नए सिविल जजों की तैनाती की गई है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
हाई कोर्ट के इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और जिला स्तर पर न्यायिक कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी।